tech news post featured img 20

The ‘Sounds’ of Space as NASA’s Cassini Dives by Saturn

“अंतरिक्ष की आवाज़ें”: जब नासा का कैसिनी यान शनि के पास से गुज़रा

कैसिनी ने कैसे अंतरिक्ष की अदृश्य तरंगों को रहस्यमयी, अद्भुत ‘ध्वनियों’ में बदला?



परिचय

अंतरिक्ष को अक्सर “पूर्णतः मौन” कहा जाता है। लेकिन नासा के Cassini अंतरिक्षयान ने दिखाया कि ब्रह्मांड की अपनी एक अनोखी ‘ध्वनि’ भी होती है—जो हवा में नहीं, बल्कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों में छिपी होती है।

2017 में जब कैसिनी शनि (Saturn) और उसकी वलयों (rings) के बीच से होकर गुज़रा, तब उसके उपकरणों ने कुछ अद्भुत संकेत रिकॉर्ड किए—

  • सीटी जैसी आवाज़ें
  • गूंजते हुए कंपन
  • टूटने-फूटने जैसी इलेक्ट्रिक धड़कनें

इन सभी को वैज्ञानिकों ने बाद में सुनने योग्य ध्वनि (audio) में बदल दिया। इस तरह इंसानों ने पहली बार “शनि की आवाज़” सुनी।


कैसिनी ने अंतरिक्ष की आवाज़ें कैसे रिकॉर्ड कीं?

अंतरिक्ष में हवा नहीं होती, इसलिए सामान्य ध्वनि तरंगें वहाँ नहीं चल सकतीं।
लेकिन अंतरिक्ष में मौजूद होती हैं:

  • इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स
  • प्लाज़्मा वाइब्रेशन
  • रेडियो तरंगें
  • चार्ज्ड पार्टिकल्स की गतिविधियाँ

कैसिनी में मौजूद एक विशेष उपकरण Radio and Plasma Wave Science (RPWS) इन तरंगों को पकड़ता था।
NASA ने इन्हें मानव कान के लिए सुनने योग्य आवृत्ति में बदला—जिससे ये अजीब, रहस्यमयी आवाज़ें सुनाई देती हैं।


इन ध्वनियों ने क्या बताया?

1. शनि का ‘चुंबकीय क्षेत्र’ बोलता है

शनि एक विशाल चुंबकीय क्षेत्र (magnetosphere) से घिरा हुआ है।
कैसिनी ने इसकी गूंजती, बदलती हुई टोन रिकॉर्ड की, जिससे पता चला कि:

  • सूर्य की हवाएँ शनि से कैसे टकराती हैं
  • चुंबकीय क्षेत्र कितना बड़ा और जटिल है

2. शनि और उसकी वलयों के बीच का क्षेत्र—अनपेक्षित सन्नाटा

वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि जब कैसिनी शनि और उसकी भीतरी वलय के बीच प्रवेश करेगा तो धातु या बर्फ के कण जहाज से टकराएँगे और तेज़ आवाज़ें आएँगी।
लेकिन रिकॉर्डिंग में मिला…
लगभग पूर्ण सन्नाटा!

इससे पता चला कि शनि और उसकी वलयों के बीच का यह क्षेत्र आश्चर्यजनक रूप से खाली है।


3. वलयों (Rings) से आने वाली तड़क-भड़क जैसी आवाज़ें

शनि की वलयें छोटे-छोटे बर्फ और धूल के कणों से बनी हैं।
इन कणों से निकलने वाली इलेक्ट्रिक तरंगें कैसिनी को सुनाई दीं:

  • तीखी सीटी जैसी आवाज़ें
  • तड़कने वाली इलेक्ट्रिक धड़कनें
  • छोटी-छोटी पल्स

ये ध्वनियाँ बताती हैं कि शनि की वलयों के कण चुंबकीय क्षेत्र के साथ कैसे जुड़ते हैं।


4. शनि के ध्रुवीय प्रकाश (Auroras) की “संगीतमयी” तरंगें

कैसिनी ने शनि के aurora से संबंधित तरंगें भी रिकॉर्ड कीं।
ये आवाज़ें बताती हैं कि:

  • चार्ज्ड पार्टिकल्स कैसे ध्रुवों में गिरते हैं
  • aurora कितनी तेजी से बदलते हैं

ये ध्वनियाँ क्यों महत्वपूर्ण हैं?

1. शनि की वलयों के रहस्यों को समझने में मदद

इन तरंगों से वैज्ञानिकों को पता चला:

  • वलयों की घनत्व
  • उनकी गति
  • कणों की संरचना
  • वलयों का विकास कैसे होता है

यह जानने में बेहद उपयोगी कि शनि की वलयें कैसे बनीं — क्या यह किसी टूटे हुए चंद्रमा का अवशेष हैं?


2. ग्रहों के चुंबकीय क्षेत्रों को समझने में सहायता

इन “ध्वनि तरंगों” से वैज्ञानिक यह जान सके कि:

  • शनि सूर्य की हवाओं से कैसे निपटता है
  • चुंबकीय क्षेत्र ग्रह को कैसे बचाते हैं

यह जानकारी पृथ्वी समेत दूसरे ग्रहों पर भी लागू होती है।


3. जीवन की संभावना वाले स्थानों की खोज

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नलों के अध्ययन से वैज्ञानिक यह भी समझते हैं कि:

  • शनि के चंद्रमा Enceladus और Titan पर पानी और भू-गतिविधि कैसी है
  • वहाँ जीवन की संभावना कितनी है

कैसिनी की अंतिम डुबकी — एक विदाई संगीत

15 सितंबर 2017 को कैसिनी ने शनि के वायुमंडल में अंतिम गोता लगाया।
अंतिम क्षणों में भेजे गए डेटा में तेज़ स्टैटिक आवाज़ें थीं, जो दर्शाती थीं कि यान नियंत्रण खो रहा है।
यह कैसिनी का “अंतिम संदेश” था — 13 साल के शानदार मिशन का समापन।


निष्कर्ष

कैसिनी मिशन ने हमें दिखाया कि अंतरिक्ष पूर्ण मौन नहीं है—बल्कि यह ऊर्जा, तरंगों और अदृश्य कंपन से भरा हुआ है।
RPWS द्वारा रिकॉर्ड की गई ये अजीब लेकिन सुंदर ध्वनियाँ हमें शनि और उसकी वलयों के रहस्यों के और करीब ले जाती हैं।

इन रिकॉर्डिंग्स ने साबित किया कि ब्रह्मांड बोलता है—सिर्फ हमें उसे सुनने का तरीका ढूँढना होता है।


Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top